संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (CCE) के लिए BPSC सिलेबस तीन चरणों में है: 150 अंकों की वस्तुनिष्ठ प्रारम्भिक परीक्षा, 1,020 अंकों की मुख्य परीक्षा-सह-साक्षात्कार जो अंतिम मेधा सूची तय करती है, और 68वीं CCE से निबंध का पेपर तथा अर्हक वस्तुनिष्ठ वैकल्पिक विषय। यह गाइड 72वीं CCE (2026) पर लागू हर पेपर का पैटर्न और पूरा पाठ्यक्रम बताती है, नए विकल्प E समेत स्कोरिंग के नियम समझाती है, और हर विषय के लिए इस साइट के नोट्स और क्विज़ की ओर इशारा करती है।
BPSC CCE एक नज़र में
| चरण | पेपर | अंक | मेधा सूची में गिनती? |
|---|---|---|---|
| प्रारम्भिक | सामान्य अध्ययन (150 प्रश्न, 2 घंटे) | 150 | नहीं, केवल छँटनी (रिक्तियों के लगभग 10 गुना अभ्यर्थी सफल) |
| मुख्य | सामान्य हिंदी (3 घंटे) | 100 | नहीं, 30 प्रतिशत पर अर्हक |
| मुख्य | सामान्य अध्ययन पेपर I (3 घंटे) | 300 | हाँ |
| मुख्य | सामान्य अध्ययन पेपर II (3 घंटे) | 300 | हाँ |
| मुख्य | निबंध (3 घंटे) | 300 | हाँ |
| मुख्य | वैकल्पिक विषय (वस्तुनिष्ठ, 2 घंटे) | 100 | नहीं, केवल अर्हक |
| साक्षात्कार | व्यक्तित्व परीक्षण | 120 | हाँ |
| अंतिम मेधा | GS I + GS II + निबंध + साक्षात्कार | 1,020 |
कुछ विशेष पदों (बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, वित्तीय प्रशासनिक पदाधिकारी और केवल महिलाओं के लिए अनुमंडलीय संरक्षण पदाधिकारी) के लिए वैकल्पिक विषय 300 अंकों का वर्णनात्मक पेपर है, जो मेधा सूची में निबंध की जगह लेता है।
प्रारम्भिक परीक्षा का पैटर्न और स्कोरिंग
- 150 प्रश्नों का एक पेपर, 150 अंक, 2 घंटे, हिंदी और अंग्रेज़ी में, OMR शीट पर।
- हर प्रश्न में पाँच गोले: A, B, C और D उत्तर के विकल्प हैं और E का अर्थ है प्रश्न हल नहीं किया।
- स्कोरिंग: सही उत्तर पर +1, गलत उत्तर पर −1/3, E भरने पर 0, और BPSC की मई 2026 की सूचना के अनुसार पूरी तरह खाली छोड़ी गई पंक्ति पर −1/3। कोई भी मॉक देने से पहले निगेटिव मार्किंग और विकल्प E की गाइड पढ़ें।
- प्रति रिक्ति लगभग दस अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए बुलाए जाते हैं। हाल के कट-ऑफ पैमाना बताते हैं: 71वीं CCE की प्रारम्भिक परीक्षा में अनारक्षित (पुरुष) कट-ऑफ 150 में से 88 था, पिछड़ा वर्ग 84, EWS 82.33, अत्यंत पिछड़ा वर्ग 81, अनुसूचित जाति 72 और अनुसूचित जनजाति 71.33; हर वर्ग में महिलाओं के लिए अंक कम थे।
प्रारम्भिक परीक्षा का पाठ्यक्रम, विषयवार
| पाठ्यक्रम का क्षेत्र | BPSC क्या पूछता है | BPSC Guru पर कहाँ तैयारी करें |
|---|---|---|
| सामान्य विज्ञान | NCERT स्तर का भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान, रोज़मर्रा के प्रयोग और हाल के विकास | भौतिकी: प्रकाश और ध्वनि (75 प्रश्न), जीव विज्ञान सेट 10 और 11 |
| राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व की घटनाएँ | पिछले 12 से 18 महीने: नियुक्तियाँ, पुरस्कार, खेल, रिपोर्ट और सूचकांक, योजनाएँ, सम्मेलन, रक्षा | फरवरी, मार्च और अप्रैल 2026 के नोट्स; करंट अफेयर्स क्विज़ |
| भारत का इतिहास, बिहार के विशेष संदर्भ में | NCERT की गहराई पर प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक भारत; बिहार के राजवंश, धर्म, आंदोलन और व्यक्तित्व | 15 टेस्ट की अभ्यास श्रृंखला (प्रागैतिहास से 1857), आधुनिक इतिहास के 150 प्रश्न, बिहार GK नोट्स |
| भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन और बिहार की भूमिका | 1857 से 1947, चंपारण, बिहार में भारत छोड़ो, कुँवर सिंह, राजेंद्र प्रसाद, जयप्रकाश नारायण | गांधी युग क्विज़, 1937 से 1947 क्विज़, भारत छोड़ो आंदोलन में बिहार, वीर कुँवर सिंह |
| भारत और बिहार का भूगोल | भौतिक, आर्थिक और सामाजिक भूगोल; बिहार की नदियाँ, बाढ़, मिट्टी, कृषि-जलवायु क्षेत्र, खनिज, जनसंख्या | बिहार भूगोल नोट्स, बिहार राजव्यवस्था और भूगोल PYQ, जल-जीवन-हरियाली |
| भारतीय राजव्यवस्था और अर्थव्यवस्था | संविधान, केंद्र-राज्य संबंध, पंचायती राज, स्वतंत्रता के बाद की अर्थव्यवस्था, बजट, बिहार की अर्थव्यवस्था और योजनाएँ | केंद्र-राज्य संबंध और राज्यपाल, बजट 2026-27 क्विज़, बिहार अर्थव्यवस्था PYQ, सात निश्चय |
| स्वतंत्रता के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में बदलाव | योजना, हरित क्रांति, 1991 के सुधार, GST, हाल की नीतियाँ | बिहार का आर्थिक रूपांतरण, कृषि-उद्योग और एथेनॉल |
| सामान्य मानसिक योग्यता | कक्षा 10 स्तर का अंकगणित, तर्कशक्ति, आँकड़ों की व्याख्या; आमतौर पर 10 से 15 प्रश्न | अभ्यास टेस्ट 15: योग्यता सेट |
इसमें से अधिकांश का आधार कक्षा 6 से 12 की NCERT किताबें हैं; BPSC के लिए NCERT किताबें गाइड हर किताब को पाठ्यक्रम से जोड़ती है और 45 दिन की पढ़ने की योजना देती है।
मुख्य परीक्षा का पाठ्यक्रम
सामान्य हिंदी (100 अंक, अर्हक)
निबंध (30 अंक), व्याकरण (30), वाक्य-विन्यास (25) और संक्षेपण (15), बिहार बोर्ड की कक्षा 10 की परीक्षा के स्तर पर। अभ्यर्थी को 30 प्रतिशत अंक लाने होते हैं; ये अंक मेधा सूची में नहीं जुड़ते।
सामान्य अध्ययन पेपर I (300 अंक)
- उन्नीसवीं सदी के मध्य से भारत का आधुनिक इतिहास और भारतीय संस्कृति, बिहार की भूमिका के साथ: 1857, राष्ट्रीय आंदोलन, गांधी, राजेंद्र प्रसाद, जयप्रकाश नारायण, संथाल और मुंडा विद्रोह, और मौर्य काल से पटना कलम तक बिहार की कला और स्थापत्य।
- राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएँ।
- सांख्यिकीय विश्लेषण, आरेख और ग्राफ: तालिकाओं और चार्ट को पढ़ना, निष्कर्ष निकालना और त्रुटियाँ पकड़ना (उच्च गणित नहीं)।
सामान्य अध्ययन पेपर II (300 अंक)
- भारतीय राजव्यवस्था, बिहार की राजनीतिक व्यवस्था के साथ: संविधान, संघ और राज्य सरकारें, पंचायती राज, न्यायपालिका और संवैधानिक संस्थाएँ।
- भारतीय अर्थव्यवस्था और भारत का भूगोल, बिहार की अर्थव्यवस्था और भूगोल के साथ: योजना, कृषि, उद्योग, जनसंख्या, प्राकृतिक संसाधन और बिहार के विकास कार्यक्रम।
- भारत और बिहार के विकास में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका और प्रभाव: अनुप्रयुक्त विज्ञान, ऊर्जा, अंतरिक्ष, सूचना प्रौद्योगिकी, और कृषि व स्वास्थ्य में तकनीक।
निबंध (300 अंक)
तीन खंड, हर खंड में चार विषय, हर खंड से एक निबंध: अमूर्त विषय, समसामयिक मुद्दे और एक बिहारी कहावत। पैटर्न के लिए 68वीं से 71वीं मुख्य परीक्षा के BPSC निबंध विषयों की पूरी सूची देखें।
वैकल्पिक विषय (100 अंक, वस्तुनिष्ठ, अर्हक)
34 विषयों में से एक चुनें: कृषि, पशुपालन और पशु चिकित्सा विज्ञान, मानवशास्त्र, वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान, सिविल इंजीनियरिंग, वाणिज्य और लेखाशास्त्र, अर्थशास्त्र, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, भूगोल, भूविज्ञान, इतिहास, श्रम एवं समाज कल्याण, विधि, प्रबंधन, गणित, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, दर्शनशास्त्र, भौतिकी, राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन, समाजशास्त्र, सांख्यिकी, प्राणी विज्ञान, और हिंदी, अंग्रेज़ी, उर्दू, बांग्ला, संस्कृत, फारसी, अरबी, पाली और मैथिली साहित्य। 68वीं CCE से यह पेपर वस्तुनिष्ठ और केवल अर्हक है, इसलिए अधिकतर अभ्यर्थी वह विषय चुनते हैं जिसमें सबसे कम अतिरिक्त पढ़ाई से अर्हता पार हो जाए; इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और हिंदी साहित्य आम पसंद हैं।
साक्षात्कार और अंतिम चयन
व्यक्तित्व परीक्षण 120 अंकों का है। मुख्य परीक्षा के अंकों (GS I, GS II और निबंध, या विशेष पदों के लिए वैकल्पिक विषय) के आधार पर प्रति रिक्ति सीमित संख्या में अभ्यर्थी बुलाए जाते हैं। अंतिम सूची 1,020 अंकों पर बनती है: मुख्य परीक्षा के 900 और साक्षात्कार के 120। सेवा आवंटन रैंक और वरीयता से होता है: बिहार प्रशासनिक सेवा (SDM या वरीय उप समाहर्ता), बिहार पुलिस सेवा (DSP), बिहार वित्त सेवा, राज्य कर सहायक आयुक्त, ग्रामीण विकास पदाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, नगर कार्यपालक पदाधिकारी और अन्य, उस चक्र में विज्ञापित पदों के अनुसार।
पात्रता संक्षेप में
- शिक्षा: किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक (कुछ विशेष पदों के लिए निर्धारित डिग्री)।
- आयु (परीक्षा वर्ष की 1 अगस्त को): पद के अनुसार न्यूनतम 20, 21 या 22; अधिकतम अनारक्षित पुरुषों के लिए 37, अनारक्षित महिलाओं तथा पिछड़ा और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 40, और अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए 42। आरक्षण और आयु में छूट बिहार के निवासियों को; दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी अनारक्षित माने जाते हैं।
- प्रयास: आयु सीमा के भीतर कोई सीमा नहीं।
चरण कैसे जुड़ते हैं: तैयारी की योजना
- आधार (दो से तीन महीने): इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था और विज्ञान की NCERT, हर किताब के बाद इस साइट के अध्याय क्विज़।
- बिहार की परत (तीन से चार सप्ताह): बिहार GK नोट्स, PYQ और बिहार स्पेशल मॉक, क्योंकि प्रारम्भिक परीक्षा के चौथाई या उससे अधिक प्रश्नों में बिहार का कोण होता है।
- करंट अफेयर्स (लगातार): मासिक नोट्स और विषय क्विज़, प्रारम्भिक परीक्षा से पहले के बारह महीनों पर समाप्त।
- मॉक (अंतिम छह सप्ताह): BPSC स्कोरिंग के तहत पूरे पेपर, E कब भरना है इसका अभ्यास; हमारी मुफ्त मॉक टेस्ट श्रृंखला ठीक यही नियम इस्तेमाल करती है।
- मुख्य परीक्षा (प्रारम्भिक के बाद): GS I और II के लिए उत्तर लेखन, तीनों खंडों से हर सप्ताह एक निबंध, और GS I के सांख्यिकी भाग के लिए ग्राफ और तालिका का अभ्यास।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
स्थिर विषयों में काफी मेल है, पर BPSC में CSAT का पेपर नहीं है, प्रश्न अधिक सीधे तथ्यात्मक होते हैं, सामान्य मानसिक योग्यता उसी एक GS पेपर में है, और बिहार से जुड़े इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था और योजनाओं का भार कहीं अधिक है।
नहीं। वे केवल तय करते हैं कि मुख्य परीक्षा कौन देगा। अंतिम मेधा सूची मुख्य परीक्षा (900) और साक्षात्कार (120) से बनती है।
BPSC की मई 2026 की सूचना के बाद हर प्रश्न में पाँचवाँ गोला है, जिसका अर्थ है प्रश्न हल नहीं किया। E भरने पर शून्य अंक; पंक्ति खाली छोड़ने पर एक-तिहाई अंक कटता है, गलत उत्तर के बराबर।
केवल एक बाधा के रूप में: 100 अंकों का वस्तुनिष्ठ वैकल्पिक पेपर अर्हक है और सामान्य पदों की मेधा सूची में नहीं गिना जाता। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, वित्तीय प्रशासनिक पदाधिकारी और अनुमंडलीय संरक्षण पदाधिकारी के पदों के लिए 300 अंकों का वर्णनात्मक वैकल्पिक पेपर गिना जाता है।
वर्णनात्मक पेपरों में नहीं; वस्तुनिष्ठ वैकल्पिक पेपर में प्रारम्भिक परीक्षा जैसी एक-तिहाई अंक की कटौती लागू होती है।
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